रोमांटिक शायरी इन हिंदी
खामोशियों के दरमियां, तेरी नज़रों का ये तीर मेरी खामोश इबादतों में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है।
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है।