रोमांटिक शायरी इन हिंदी
बस इतना समझ लो, तेरी बाहों का ये आशियाना मेरी हर सुबह ओ शाम में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
अमृत बनकर घुल गया है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।