रोमांटिक लव शायरी इन हिंदी
इश्क़ में, तेरे चेहरे का तबस्सुम मेरी हर मुराद में,
मेरी पहचान बन चुका है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [रोमांटिक लव शायरी इन हिंदी 226]
मेरी पहचान बन चुका है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [रोमांटिक लव शायरी इन हिंदी 226]