इश्क़ और मोहब्बत शायरी
हकीकत यही है, तेरे साथ बिताया हर पल मेरे दिल की धड़कनों में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही।
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही।