ग़ज़ल और नज़्म
अक्सर, तेरे कदमों की आहट मेरी हर एक दुआ में,
हर ग़म को मिटा रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
हर ग़म को मिटा रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।