इमोशनल शायरी इन हिंदी
ऐ सनम, तेरे हुस्न का ये दीदार मेरी आँखों की पुतलियों में,
हमेशा के लिए बस गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [इमोशनल शायरी इन हिंदी 221]
हमेशा के लिए बस गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [इमोशनल शायरी इन हिंदी 221]