ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
ज़माने से कह दो, उम्मीदों के टूटने की ये सदा मेरे सीने के अंदर,
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे।
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे।