ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
हकीकत यही है, उम्मीदों के टूटने की ये सदा मेरी तन्हाई की महफ़िल में,
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 781]
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 781]