रॉयल ऐटिट्यूड शायरी
दिल की गहराइयों से, हमारा स्वाभिमान और अटल हौसला शहर की हर गली और चौराहे पर,
शेर की तरह दहाड़ रहा है, कि हम झुकते नहीं, ज़माने को झुकाने का पूरा दम रखते हैं।
शेर की तरह दहाड़ रहा है, कि हम झुकते नहीं, ज़माने को झुकाने का पूरा दम रखते हैं।