रॉयल ऐटिट्यूड शायरी
इश्क़ में, हमारे कातिल और बुलंद तेवर हमारे बेबाक अंदाज़ में,
खुलेआम खलबली मचा रहा है, कि हमारा मुकाबला करने का कलेजा हर किसी में नहीं होता।
खुलेआम खलबली मचा रहा है, कि हमारा मुकाबला करने का कलेजा हर किसी में नहीं होता।