बेवफा शायरी इन हिंदी
याद रखना, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी भीगी आँखों में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है। [बेवफा शायरी इन हिंदी 613]
अंधेरों में धकेल रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है। [बेवफा शायरी इन हिंदी 613]