कसम से, सिसकती हुई सांसों का ये आलम मेरी यादों के खंडहर में,
🖼️ बेवफा शायरी इन हिंदी (Bewafa Shayari in Hindi) Shayari 4K HD Card Image by बशीर बद्र (Bashir Badr) — Download in PNG, WebP & JPG for WhatsApp & Instagram
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📖 शेर का अर्थ व भावार्थ (Explanation & Meaning)
बेवफा शायरी इन हिंदी का यह अद्वितीय शेर दिल की गहराइयों और सच्चे जज़्बातों को बहुत ही खूबसूरती से व्यक्त करता है।
उर्दू नस्र (Urdu Script)
تیرے عشق کا جادو اب ہر سو دکھائی دیتا ہے
کہ اب تیرے سوا دل کو کوئی اور بھاتا نہیں
کہ اب تیرے سوا دل کو کوئی اور بھاتا نہیں
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मेरे हमदम, टूटे हुए दिल का ये दर्द मेरी तन्हाई की महफ़िल में,
इस कदर चुभ रहा है हर पल, कि अब रोते हुए भी मुस्कुराना हमारी मजबूरी बन गई।
इस कदर चुभ रहा है हर पल, कि अब रोते हुए भी मुस्कुराना हमारी मजबूरी बन गई।
खामोशियों के दरमियां, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी भीगी आँखों में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
अंधेरों में धकेल रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
मेरी हर दुआ में, तन्हाइयों का ये खौफनाक साया मेरे सीने के अंदर,
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब रोते हुए भी मुस्कुराना हमारी मजबूरी बन गई। [बेवफा शायरी इन हिंदी 682]
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब रोते हुए भी मुस्कुराना हमारी मजबूरी बन गई। [बेवफा शायरी इन हिंदी 682]