🇮🇳 ४ लाइन शायरी (रुबाई)
अक्सर, तेरे इश्क की ये बारिश मेरी खुशियों के आशियाने में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 410]
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 410]