🇮🇳 शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
इश्क़ में, तेरी पनाहों का ये सुकून मेरी तकदीर के पन्नों पर,
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 359]
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 359]