🇮🇳 शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
सुनो, तेरी पनाहों का ये सुकून मेरे सपनों के आंगन में,
मेरी पहचान बन चुका है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
मेरी पहचान बन चुका है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।