🇮🇳 शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
हां, तेरी मासूम आँखों का नूर मेरी रूह की गहराइयों में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 942]
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 942]