🇮🇳 ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
दिल कहता है, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरी सांसों की चुभन में,
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 604]
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 604]