🇮🇳 ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
यकीन मानो, उदासी की ये लंबी शामें मेरी सांसों की चुभन में,
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 892]
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 892]