🇮🇳 शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
इश्क़ में, तेरी नज़रों का ये तीर मेरी हर सांस में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 284]
अमृत बनकर घुल गया है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 284]