🇮🇳 ४ लाइन शायरी (रुबाई)
खामोशियों के दरमियां, तेरी नज़रों का ये तीर मेरे ख्यालों की दुनिया में,
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 497]
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 497]