🇮🇳 शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
तेरी धड़कनों की आवाज़ मेरी ज़िंदगी के सफर में,
हर पल नया रंग भर रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 114]
हर पल नया रंग भर रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 114]