🇮🇳 ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
खुदा गवाह है, दिल के अरमानों का ये जनाज़ा मेरी यादों के खंडहर में,
सांसों को भारी कर रहा है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 871]
सांसों को भारी कर रहा है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 871]