🇮🇳 शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
हां, तेरी खूबसूरत सूरत का नूर मेरी आँखों की पुतलियों में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 720]
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 720]