🇮🇳 ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
बेशक, अपनों के दिए हुए दर्दनाक घाव मेरी तन्हाई की महफ़िल में,
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 697]
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 697]