🇮🇳 इश्क़ और मोहब्बत शायरी
खुदा गवाह है, तेरी धड़कनों की आवाज़ मेरी हर सुबह ओ शाम में,
रूह को मदहोश कर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही।
रूह को मदहोश कर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही।