🇮🇳 शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
ज़िंदगी के सफर में, तेरे चेहरे का तबस्सुम मेरी हर एक दुआ में,
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 335]
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 335]