🇮🇳 ज़िंदगी और हौसला शायरी
बस इतना समझ लो, अहसासों की ये बहती हुई निर्मल नदी शांत और एकांत पलों में,
खुदा की अपार रहमत का अहसास करा रहा है, वक्त की कद्र करने वाले इंसान कभी ज़िंदगी में नाकाम नहीं होते। [ज़िंदगी और हौसला शायरी 945]
खुदा की अपार रहमत का अहसास करा रहा है, वक्त की कद्र करने वाले इंसान कभी ज़िंदगी में नाकाम नहीं होते। [ज़िंदगी और हौसला शायरी 945]