🇮🇳 ४ लाइन शायरी (रुबाई)
सदा, तेरी मोहब्बत की खुशबू मेरी सूनी रातों में,
हर ग़म को मिटा रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं।
हर ग़म को मिटा रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं।