🇮🇳 शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
मेरे हमदम, तेरी मुस्कुराहट की चमक मेरी खामोश इबादतों में,
जादू की तरह असर कर रहा है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 696]
जादू की तरह असर कर रहा है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 696]