🇮🇳 शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
सदा, तेरी हर बात का मिठास मेरी हर मुराद में,
हर ग़म को मिटा रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 907]
हर ग़म को मिटा रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 907]