🇮🇳 शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
खुदा गवाह है, तेरी हर अदा का जलवा मेरी रूह की गहराइयों में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 798]
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 798]