🇮🇳 शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
दिल की गहराइयों से, तेरी यादों का ये कारवां मेरी आँखों की पुतलियों में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 864]
खुदा की रहमत बन गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 864]