🇮🇳 ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
अक्सर, खामोश लबों की दबी हुई चीख मेरी यादों के खंडहर में,
सांसों को भारी कर रहा है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया।
सांसों को भारी कर रहा है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया।