🇮🇳 शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
कसम से, तेरी सांसों की महक मेरी ज़िंदगी के सफर में,
रूह को मदहोश कर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
रूह को मदहोश कर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।