🇮🇳 बेवफा शायरी इन हिंदी
हर घड़ी, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरी भीगी आँखों में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है। [बेवफा शायरी इन हिंदी 997]
अंधेरों में धकेल रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है। [बेवफा शायरी इन हिंदी 997]