🇮🇳 शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
बेशक, तेरी दीवानगी का ये आलम मेरी ज़िंदगी के सफर में,
रूह को मदहोश कर रहा है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 877]
रूह को मदहोश कर रहा है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 877]