🇮🇳 ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
मेरे हमदम, वक्त की बेदर्द और बेरहम मार मेरी भीगी आँखों में,
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।