🇮🇳 ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
ऐ सनम, अधूरे ख्वाबों का ये बिखरा मंज़र मेरे खामोश आशियाने में,
खामोशी से रुला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 618]
खामोशी से रुला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 618]