🇮🇳 शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
खामोशियों के दरमियां, तेरी खामोशी का पैगाम मेरे दिल के हर कोने में,
हर ग़म को मिटा रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 616]
हर ग़म को मिटा रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 616]