🇮🇳 शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
यकीन मानो, तेरे साथ बिताया हर पल मेरे ख्यालों की दुनिया में,
रूह को मदहोश कर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 544]
रूह को मदहोश कर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 544]