🇮🇳 ग़ज़ल और नज़्म
ज़िंदगी के सफर में, तेरे लबों की ये हंसी मेरे सपनों के आंगन में,
दिल को दीवाना बना रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।
दिल को दीवाना बना रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।