🇮🇳 शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
तेरी पाकीज़ा वफ़ा का साया मेरे दिल की धड़कनों में,
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 564]
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 564]