🇮🇳 दर्द भरी और तन्हाई शायरी
बेशक, दिल के अरमानों का ये जनाज़ा मेरी तकदीर के अंधेरों में,
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी। [दर्द भरी और तन्हाई शायरी 704]
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी। [दर्द भरी और तन्हाई शायरी 704]