🇮🇳 ग़ज़ल और नज़्म
खुदा गवाह है, तेरी चाहत की ये दास्तान मेरे रोम-रोम के अहसास में,
गुलाब की तरह महक रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते।
गुलाब की तरह महक रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते।