🇮🇳 रॉयल ऐटिट्यूड शायरी
खामोशियों के दरमियां, हमारे कातिल और बुलंद तेवर हमारे बेबाक अंदाज़ में,
खुलेआम खलबली मचा रहा है, कि हमारा मुकाबला करने का कलेजा हर किसी में नहीं होता।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
खुलेआम खलबली मचा रहा है, कि हमारा मुकाबला करने का कलेजा हर किसी में नहीं होता।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।