बेशक, उदासी की ये लंबी शामें मेरे दर्दमंद दिल में,
🖼️ बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी (Bewafa & Judai) Shayari 4K HD Card Image by फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ (Faiz Ahmad Faiz) — Download in PNG, WebP & JPG for WhatsApp & Instagram
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📖 शेर का अर्थ व भावार्थ (Explanation & Meaning)
बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी का यह अद्वितीय शेर दिल की गहराइयों और सच्चे जज़्बातों को बहुत ही खूबसूरती से व्यक्त करता है।
उर्दू नस्र (Urdu Script)
تیرے عشق کا جادو اب ہر سو دکھائی دیتا ہے
کہ اب تیرے سوا دل کو کوئی اور بھاتا نہیں
کہ اب تیرے سوا دل کو کوئی اور بھاتا نہیں
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हकीकत यही है, दिल के अरमानों का ये जनाज़ा मेरी यादों के खंडहर में,
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी।
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी।
मेरे हमदम, आँखों से बहते अश्कों का दरिया मेरे खामोश आशियाने में,
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
दिल कहता है, आँखों से बहते अश्कों का दरिया मेरे खामोश आशियाने में,
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।