४ लाइन शायरी (रुबाई)

सच है, तेरी पाकीज़ा वफ़ा का साया मेरी खामोश इबादतों में,
हर पल नया रंग भर रहा है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है।

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🖼️ ४ लाइन शायरी (रुबाई) (4-Line Shayari) Shayari 4K HD Card Image by फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ (Faiz Ahmad Faiz) — Download in PNG, WebP & JPG for WhatsApp & Instagram

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📖 शेर का अर्थ व भावार्थ (Explanation & Meaning)

४ लाइन शायरी (रुबाई) का यह अद्वितीय शेर दिल की गहराइयों और सच्चे जज़्बातों को बहुत ही खूबसूरती से व्यक्त करता है।

उर्दू नस्र (Urdu Script)
تیرے عشق کا جادو اب ہر سو دکھائی دیتا ہے
کہ اب تیرے سوا دل کو کوئی اور بھاتا نہیں

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दिल कहता है, तेरी मीठी बातों का जादू मेरे दिल की धड़कनों में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 165]
— वसीम बरेलवी पूरा पढ़ें →
ऐ दोस्त, तेरी वफाओं का ये समंदर मेरी खामोश इबादतों में,
हर पल नया रंग भर रहा है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
— फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ पूरा पढ़ें →
बेशक, तेरी नज़रों का ये तीर मेरे ख्यालों की दुनिया में,
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 433]
— मिर्ज़ा ग़ालिब पूरा पढ़ें →